About Us

Bharatiya Endeavour for Social Transformation (BEST Bharat) is a collective movement of women driven by the will to contribute meaningfully to the shared vision of Bharat. Rooted in the guiding principle of ‘धर्मचक्र प्रवर्तनाय’—"Every effort, no matter how modest, contributes to sustaining the Wheel of Dharma, and it is the responsibility of all to play their part"—BEST Bharat aspires to inspire thought leadership and purposeful actions for societal transformation.

Through their experience, wisdom, and dedication, the members of BEST Bharat seek to lead by example, fostering a spirit of collective responsibility and encouraging others to contribute towards the nation’s growth and progress. Together, they embody the essence of nation-building, with a deep commitment to societal well-being and transformation. We aim to achieve this objective through the process of ‘Believing in Bharat, Knowing Bharat, Becoming Bhartiya and Shaping Bharat!’. 

 

(In Hindi) 

‘BEST Bharat’ भारत की एकात्म और सर्वांगीण अवधारणा के साथ भारत के निर्माण में योगदान देने हेतु राष्ट्रीय विचार से प्रेरित महिलाओं का एक आंदोलन है। “धर्मचक्र प्रवर्तनाय” हमारा ध्येय सूत्र है, जिसका अर्थ है—समाज के लिए किए गए सभी कार्य, चाहे वे छोटे हों या बड़े, इस धर्मचक्र को गतिशील बनाए रखने में सहायक होते हैं। प्रत्येक व्यक्ति का इस दिशा में योगदान अनिवार्य और मूल्यवान है।

इसी सिद्धांत को आत्मसात करते हुए BEST की सभी सदस्य अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन लाने का संकल्प लेती हैं। वे दूसरों को भी राष्ट्र निर्माण की इस यात्रा में सहभागी बनने के लिए प्रेरित करती हैं, इस विश्वास के साथ कि प्रत्येक प्रयास भारत के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक कदम है।‘भारत को मानो,’ ‘भारत को जानो,’ ‘भारत के बनो’ और ‘भारत को बनाओ’ इस प्रयास की सीढ़ियां हैं।

The vision of this group is to connect women across Bharat through meaningful conversations, innovative approaches to social transformation, and enriching content that nurtures the mind and soul. Constructive dialogues that inspire, creativity that drives change, and content deeply rooted in Bharatiya ethos—past, present, and future—serve as the foundation. These pillars aim to unite women by fostering a shared sense of purpose that transcends regional and cultural boundaries, creating a collective identity committed to the progress of Bharat.

सम्पूर्ण भारत की महिलाओं को परस्पर संवाद, समाज परिवर्तन की अभिनव कल्पनाओं और मन, मस्तिष्क व आत्मा को समृद्ध करने वाले विषयों के माध्यम से जोड़ना इस मंच का उद्देश्य है। रचनात्मक संवाद, सृजनशील बदलाव और भारत के वर्तमान को उसके गौरवशाली अतीत से जोड़ते हुए उज्ज्वल भविष्य की दिशा में प्रेरित करने वाले विषय—ये तीन स्तंभ इस पहल की नींव हैं।
इन स्तंभों के माध्यम से भारत की युवतियाँ न केवल परस्पर जुड़ेंगी, बल्कि अपने क्षेत्रीय और भाषाई भेदों से ऊपर उठकर पूरे भारत की अपनी बहनों के साथ सहयोग और समन्वय का अवसर प्राप्त करेंगी।

The core mission of BEST Bharat is transformation—starting with oneself and extending to those around us. At its heart lies a simple yet profound principle: true change begins within, and as we transform ourselves, it naturally and gracefully influences the world around us. Our journey takes us back to the basics—embracing eco-friendly living, contributing to society in meaningful ways, starting with small yet impactful actions, and connecting with those in our immediate surroundings. Through these simple yet powerful steps, we aim to inspire a way of living that leads and lights the path for others.

BEST BHARAT का मुख्य उद्देश्य है परिवर्तन—आंतरिक और बाह्य दोनों। हमारा दृढ़ विश्वास है कि स्वयं में परिवर्तन ही सहज रूप से आसपास और समाज में बदलाव का आधार बनता है। हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर के आलोक में पर्यावरण अनुकूल जीवन अपनाने, समाज को कुछ लौटाने के छोटे-छोटे प्रयास करने, और अपने आसपास के लोगों की सहायता करने को प्राथमिकता देंगे। अपने आचरण के माध्यम से उदाहरण प्रस्तुत करना (leading by example) हमारा कार्य रहेगा।

‘Dharma Chakra Pravartanaya ’

This is the central theme of BEST, as well as the lives of Bharatiya people.

In Bharat, Dharma refers to a rightful path that leads to good for society as a whole. Unlike, as it’s usually misconstrued or wrongly translated, Dharma is not “religion”. One can choose any path of worship, as long their deeds increase the “social capital” of humanity and society at large. To keep this effort well-oiled and forever moving, is called Dharmachakra Pravartanaya.

It clearly appears that while working on Bharat’s constitution, the members of the constituent assembly were clear about the concept of “Dharma”. Hence, it is reflected in the motto of the Supreme Court as “Yato Dharmas-Tato Jayah”.

“Dharmachakrapravartanaya” has been embedded on the walls of the Lok Sabha and in Rajya Sabha it is “Satyam Vada, Dharmam Char”. Not only this, the chakra or wheel on our national flag is “Dharma Chakra” which is meant to keep on moving. All tasks undertaken, however small they may appear to be, of giving back to the society, help in keeping this wheel of Dharma moving and everyone should play their role in it.”

Sister Bharatiy was a true believer and pioneer of this path and process. And BEST, too, endeavours to follow in her footsteps and do their bit for social transformation.

BEST Bharat ” के ४ सूत्र- भारत को मानो, भारत को जानो, भारत के बनो और भारत को बनाओ .

भारत को जानने के लिए हमारा अध्ययन बढ़ना चाहिए. कुछ पुस्तकों की सूचि बनाई जाये, जिसे पढ़ने से भारत के बारे में सही कल्पना आएगी. कुछ जानकारी प्रत्यक्ष जा कर देखने से, लोगो को मिलने से, अनुभव के द्वारा भी प्राप्त हो सकती है. उसकी भी योजना बनानी चाहिए. कुछ विषयोंपर गट में चर्चा भी (group-discussion) आयोजित कर सकते हैं।

भारत को बनाने के लिए कुछ कार्य स्वयं करने के लिए सोच सकते हैं. कुछ सुझाव यहाँ प्रस्तुत है.

१. क्या हम रोज सुबह ६ से ६.३० के बीच उठ सकते हैं? सूर्योदय देखने का अपना आग्रह होना चाहिए. हम सभी अपने BEST Bharat ग्रुप पर अपना सुप्रभात सन्देश दे सकते हैं.

२. पानी, बिजली और प्लास्टिक का प्रयोग कम करने की दिशा में मैं क्या पहल कर सकती हूँ. जैसे यदि मैं शावर का उपयोग स्नान के लिए करती हूँ उसके स्थान पर बाल्टी में पानी ले कर स्नान करने से क्या पानी बचाया जा जा सकता है? कभी कभी बहार अच्छा उजाला होने के बाद भी आदतन अधिक लाइट्स जलाने की हमें आदत हो गयी है. इस में अधिक सजगता(awareness) ला सकते हैं क्या? घर में पुरानी साड़ी से अच्छी थैलियां बन सकती है जो आसानी से जेब या पर्स में आ सकती है. जब चीज खरीदते हैं तब प्लास्टिक बैग के बदले अपनी कपडे की थैली का प्रयोग शुरू करें. ऐसी और भी बातें सोच सकते हैं.

३. कुछ मित्रों के साथ सार्वजनिक स्थान (विद्यालय, मंदिर, बगीचा) पर प्रति वर्ष एक वृक्षारोपण करना, उसकी देखभाल भी करना.

४. अपने जन्म-दिवस पर और अन्य एक अच्छे पर्व पर नियमित रक्तदान करना।

५. अपने घर में काम करने वाले श्रमिकों के घर जा कर आना.

६. अपने घर के पास यदि कोई झुग्गी (slums) है तो मित्रों के साथ एक बार वहां जा कर आना.

७. स्वयंसेवकों द्वारा चल रहे किसी एक सेवा प्रकल्प पर मित्रों के साथ एक दिन बिताना.

८. अन्य लोगों द्वारा चलाये जा रहे किसी एक सेवा प्रकल्प की भेंट करना.

९. वनवासी, वंचित, पिछड़े लोगों के बीच सेवा कार्य करने वाले व्यक्ति से मुलाकात कर मित्रों के साथ उनके अनुभव सुनना.

१०. यदि मेरे मित्र-परिघ(friend circle) में अनुसूचित जाती से कोई मित्र नहीं है तो ऐसे एक व्यक्ति से मित्रता करना.

११. यदि मेरे मित्र-परिघ में अनुसूचित जनजाति से कोई मित्र नहीं है तो ऐसे एक व्यक्ति के साथ मित्रता करना.

१२. परिसर में सरकारी प्राथमिक विद्यालय यदि है तो उसकी मुलाकात ले कर वहां के छात्रों की पढाई में मित्रों के साथ मिलकर सहायता करने की योजना बनाना.

१३. हमारे घर के पास कोई बुजुर्ग परिवार है जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है ऐसे लोगों की सहायता करने की योजना मित्रों के साथ बनाना.

१४. युवकों ने पढ़ने चाहिए ऐसे पुस्तकों की सूचि बना कर एक स्थान पर पुस्तकालय शुरू करवाना.

१५. १५ दिन में एक बार मित्रों के साथ एकत्र आ कर अभ्यास मंडल के माध्यम से विचार, कल्पनाएँ, पुस्तकों पर चर्चा करना. चर्चा हेतु किसी जानकर व्यक्ति को निमंत्रित भी कर सकते हैं.